
Fed’s Miran on Supply Shocks, Policy, Central Bank Tenure
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वक्ता का अनुभव संस्था में आंतरिक रूप से बहुत सकारात्मक रहा है, जो शुरुआत के हंगामे के विपरीत है। उन्होंने बौद्धिक बातचीत और पहले की सोच को चुनौती देने वाले विचारों का स्वागत किया है।
एक प्रमुख विचार जिसने चर्चा को आकार दिया है, वह है अर्थव्यवस्था की आपूर्ति पक्ष को निर्धारित करने में नियमों का महत्व। पारंपरिक रूप से कर दरों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन वक्ता ने नियमों को अधिक प्रभावशाली माना है, जो अब आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की चर्चाओं में शामिल है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु जनसंख्या वृद्धि है। जबकि कुछ लोग इसे मुद्रास्फीति के लिए एक नकारात्मक कारक मानते हैं, वक्ता का तर्क है कि ऐतिहासिक और क्रॉस-कंट्री साक्ष्य बताते हैं कि यह स्वाभाविक रूप से अपस्फीतिकारी (disinflationary) है। यह श्रम बाजार के लिए आवश्यक पेरोल वृद्धि दर को कम करता है और ब्याज दरों को भी नीचे लाता है। लंबे समय तक चलने वाली पूंजीगत वस्तुओं, जैसे आवास, की मांग में कमी से भी मुद्रास्फीति कम होती है।
वक्ता यह भी मानते हैं कि मौद्रिक नीति में महत्वपूर्ण विलंब (lags) होते हैं, और इसलिए अल्पकालिक आपूर्ति झटकों पर प्रतिक्रिया करने के बजाय भविष्य को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने फेडरल रिजर्व के बड़े बैलेंस शीट के मुद्दों पर भी बात की, जो वित्तीय नीति के साथ ओवरलैप हो सकता है, और एक छोटे बैलेंस शीट का समर्थन किया। उनका मानना है कि फेड और ट्रेजरी को अपनी भूमिकाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए, हालांकि कुछ स्थितियों में समन्वय आवश्यक है।