
BREAKING: UN Ambassador Mike Waltz Gets Sent Through The Wringer Over Iran War During Senate Hearing
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यह वीडियो दो मुख्य विषयों पर केंद्रित है: विदेश सेवा अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देना और संयुक्त राष्ट्र में सुधार के प्रयासों का आकलन करना।
शुरुआत में, समिति ने तीन सूचियों (PN893, PN894, PN895) में लगभग दो सौ विदेश सेवा अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देने का प्रस्ताव पारित किया। यह एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी गई, हालांकि एक सीनेटर ने इस प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और विदेश विभाग से भविष्य में ऐसी सूचियों को अधिक तेज़ी से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई। इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगी।
इसके बाद, सुनवाई का मुख्य भाग संयुक्त राष्ट्र में सुधार और अमेरिका के प्रयासों पर केंद्रित हो गया। गवाहों में माइक वाल्ट्ज़ और जेफ बार्डोस शामिल थे। एक सीनेटर ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा दाता है, लेकिन उसे निवेश पर बहुत कम लाभ मिला है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को एक अक्षम नौकरशाही बताया जो मूल शांति और सुरक्षा के बजाय राजनीतिक और "वोक" विचारधारा पर केंद्रित हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां अमेरिका और इज़राइल विरोधी पूर्वाग्रह रखती हैं और विरोधियों को तरजीह देती हैं।
दूसरे सीनेटर ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के बढ़ते अलगाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका अपने सहयोगियों को अलग-थलग कर रहा है और ऐसे समय में जब ईरान और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है, अमेरिका रूस और चीन जैसे देशों के साथ वोटिंग में जुड़ रहा है। उन्होंने यूक्रेन की संप्रभुता पर एक प्रस्ताव पर अमेरिका के मतदान और यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड पर हमलों से संबंधित एक अन्य प्रस्ताव के विरोध का उदाहरण दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अमेरिका लिंग, मानवाधिकार, विकास और जलवायु जैसे मुद्दों पर उन प्रस्तावों के खिलाफ मतदान कर रहा है जो पहले आम सहमति से पारित होते थे। इस अलगाव के परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा कि जब अमेरिका पीछे हटता है, तो चीन संयुक्त राष्ट्र में अधिक सक्रिय हो जाता है।