
'Researchers Need Confidence That Funding Is Going To Be There': Rosa DeLauro Demands NIH Funding
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यह वीडियो एनआईएच (NIH) और सीडीसी (CDC) में चल रहे शोध और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करता है। वक्ता एनआईएच के महत्वपूर्ण योगदानों की सराहना करते हैं, जैसे एचआईवी (HIV) को खत्म करने की ओर बढ़ना, एमआरएनए (mRNA) तकनीक का विकास, इम्यूनोथेरेपी (immunotherapy) और सिकल सेल (sickle cell) जैसी बीमारियों के इलाज में प्रगति। उनका कहना है कि ये उपलब्धियां अमेरिकी जनता का एनआईएच में विश्वास बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
वक्ता ने एनआईएच में अनुसंधान अनुदान (research grants) की प्रक्रिया में तेजी लाने के बारे में भी पूछा। एनआईएच के प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि वे आवंटित धन का उपयोग उत्कृष्ट विज्ञान पर करेंगे और अनुदान प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, वैज्ञानिकों को चिंता न करने की सलाह दी। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (National Cancer Institute) के निदेशक ने भी अनुदान अनुमोदन में तेजी लाने की पुष्टि की है।
इसके अलावा, सीडीसी (CDC) में स्टाफिंग और नेतृत्व के मुद्दों पर भी बात हुई। वक्ता ने सीडीसी के कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी भूमिका का उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने सीडीसी में क्या अच्छा काम कर रहा है और क्या नहीं, इसका मूल्यांकन किया है। उन्होंने सीडीसी के पेशेवरों की सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की और संकेत दिया कि वे सुधारों पर काम कर रहे हैं, जिसमें संभावित रूप से हायरिंग प्लान (hiring plan) की समीक्षा भी शामिल है।
सीडीसी की मीजल्स (measles) के प्रकोप से निपटने की क्षमता को एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे पता चलता है कि जब यह पूरी क्षमता से काम करता है तो यह प्रभावी होता है। वक्ता ने यह भी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई कि सीडीसी का अगला निदेशक एक सुचारू रूप से काम करने वाली एजेंसी को संभाले। अंत में, एनआईएच के एक प्रतिनिधि से यह आश्वासन मांगा गया कि अनुसंधान वित्त पोषण के निर्णय केवल वैज्ञानिक योग्यता पर आधारित होंगे।