
'Is This Realistic?': Wicker Asks Admiral About US Pushing For 'Unimpeded' Access To Allies's Bases
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वक्ता ने विदेशी सैन्य ठिकानों के बारे में सवाल उठाए, जो अमेरिका के संप्रभु क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि मेजबान देशों के हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह यथार्थवादी है कि अमेरिका अपने सहयोगियों से इन ठिकानों तक अप्रतिबंधित पहुंच की उम्मीद करे, यह देखते हुए कि सभी सहयोगी किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से पहले परामर्श चाहते हैं। एडमिरल ने जवाब दिया कि यह "अक्षमाशील घंटे" (unforgiving hour) में ठिकानों का उपयोग करने के लिए आश्वासन प्राप्त करना समझदारी है, लेकिन यह भी माना कि प्रत्येक सहयोगी सरकार अपने लोगों के प्रति जवाबदेह है और आंतरिक दबावों का सामना करेगी।
यह भी पूछा गया कि मौजूदा समझौतों के तहत अमेरिका वर्तमान में क्या नहीं कर सकता है। एडमिरल ने बताया कि अक्सर ऐसे अवसर आते हैं जब अमेरिका कुछ ऑपरेशन या लाइव फायर ऑपरेशन करना चाहता है, लेकिन मेजबान देश घरेलू कारणों से संवेदनशील होते हैं। ऐसे में सहयोगियों के साथ हमेशा बातचीत होती है, और सार्वजनिक राय के प्रति संवेदनशीलता के कारण कुछ चीजें नहीं की जा सकतीं।
मुनिशन उत्पादन के बारे में भी चर्चा हुई। वक्ता ने पूछा कि क्या पारंपरिक और नए कम लागत वाले मुनिशन दोनों के उत्पादन में वृद्धि करने का समय आ गया है। एडमिरल ने सहमति व्यक्त की और कहा कि पारंपरिक रक्षा कंपनियों को तेजी से नवाचार करने में 1-2 साल लगेंगे, जो पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कम लागत वाले मुनिशन, जैसे हाइपरसोनिक्स, क्रूज मिसाइल और ड्रोन सिस्टम के लिए गैर-पारंपरिक विक्रेताओं पर जोर देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि पारंपरिक मुनिशन निर्माताओं को तेजी से काम करने के लिए प्रेरित करना संभव है, और विभाग उन पर दबाव डाल रहा है।