
Vice Admiral Harward: Iran Strategy Has 'Been Sound'
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यह वीडियो ईरान और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चर्चा करता है। इसमें बताया गया है कि ईरान जहाजों पर हमले कर रहा है, जबकि अमेरिका भी जहाजों को रोक रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने छोटी नावों पर गोलियां चलाने की धमकी दी है जो शायद बारूदी सुरंगें बिछा रही हों।
इस स्थिति को देखते हुए, क्या इसे युद्धविराम कहा जा सकता है? वक्ता का मानना है कि यह "गतिशील" नहीं है क्योंकि कोई बमबारी या जमीनी सैनिक नहीं भेजे जा रहे हैं। अमेरिका दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है, जिसमें ईरान के पैसे को रोकना और उसकी सैन्य शक्ति को कम करना शामिल है। यह उम्मीद की जाती है कि ईरान जल्द ही बातचीत की मेज पर वापस आएगा और राष्ट्रपति की मांगों को मानेगा।
यह भी उल्लेख किया गया है कि पेंटागन ने कांग्रेस को सूचित किया है कि लड़ाई खत्म होने के बाद खाड़ी को साफ करने में छह महीने लग सकते हैं। हालांकि, वक्ता ने स्वयं पानी में किसी भी बारूदी सुरंग का पता चलने की रिपोर्ट नहीं देखी है और इसे "सबसे खराब स्थिति" का अनुमान बताया है। वे मानते हैं कि अमेरिका सक्रिय रूप से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए काम कर रहा है।
बारूदी सुरंगों के खतरे के कारण निजी जहाज मालिक जोखिम लेने से हिचकिचा रहे हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही धीमी हो गई है। यदि यह स्थिति अस्थिर होती है, तो अमेरिका को नौसैनिक एस्कॉर्ट्स की आवश्यकता हो सकती है। इसमें जहाजों और ड्रोन व मिसाइलों को निष्क्रिय करने वाली प्रणालियों को तैनात करना शामिल होगा।
अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों को भी रोका है जो नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इन जहाजों और उनके चालक दल के साथ क्या होता है, इसके विभिन्न विकल्प हैं। वक्ता का मानना है कि राष्ट्रपति के पास अभी भी ईरान पर दबाव बनाने के लिए और भी विकल्प हैं, जैसे कि तेल जब्त करना या जहाजों को नष्ट करना।
सैन्य कर्मियों की तैनाती की थकान के बारे में भी चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि तैनाती बढ़ाई जा रही है और अतिरिक्त विमानवाहक पोत क्षेत्र में पहुंच रहा है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सैन्यकर्मी स्वेच्छा से अपनी सेवा देते हैं और मिशन को पूरा करने के लिए बलिदान देने को तैयार रहते हैं।
अंत में, वक्ता ने राष्ट्रपति की ईरान नीति की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि यह दशकों से लंबित कार्रवाई है। उन्होंने ईरान की परमाणु हथियार क्षमता, मिसाइल और ड्रोन की क्षमता, और खाड़ी को नियंत्रित करने की उनकी क्षमता को चुनौती देने में राष्ट्रपति की टीम की भूमिका पर प्रकाश डाला।