
'If We Had That Relationship Talking To Our Wives...': Norcross Decries Trump's Relations With NATO
Audio Summary
AI Summary
यह वीडियो नाटो (NATO) सहयोगियों के साथ अमेरिका के संबंधों पर चर्चा करता है, जिसमें सैन्य, वित्तीय और मानवीय पहलुओं पर जोर दिया गया है।
वक्ता, श्री नॉरक्रॉस, बताते हैं कि नाटो के साथ इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी संचालन क्षमता) एक महत्वपूर्ण घटक है, और पिछले समय में इस क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। वह स्वीकार करते हैं कि संबंध केवल पैसे से कहीं बढ़कर हैं, भले ही नाटो सहयोगियों द्वारा रक्षा खर्च में वृद्धि (2% से 5% तक) पर बहुत चर्चा हुई हो।
मिलिट्री-टू-मिलिट्री (सैन्य से सैन्य) संबंध, उनके विचार में, उत्कृष्ट बने हुए हैं, भले ही नेतृत्व में बदलाव आया हो। हालाँकि, वह देशों के बीच "लोगों से लोगों" के संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव देखते हैं, खासकर पिछले 18 महीनों में। वह इस बात पर चिंता व्यक्त करते हैं कि ग्रीनलैंड पर अधिग्रहण के राष्ट्रपति के सुझाव से नाटो सहयोगियों के साथ संबंधों को नुकसान पहुँचा है।
वक्ता इस बात पर सवाल उठाते हैं कि क्या नेतृत्व द्वारा "आश्रितों" जैसे शब्दों का प्रयोग, जो सहयोगियों को एक वर्गीकृत प्रणाली में रखता है, केवल वित्तीय योगदान के मामले में सकारात्मक है, या यह उन देशों के लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
श्री ज़िम्मरमैन जवाब देते हैं कि संबंध बहुत मायने रखते हैं और रक्षा कूटनीति का एक मुख्य कार्य है। वह यूरोप में अपने व्यापक यात्राओं के आधार पर बताते हैं कि नागरिक-से-नागरिक संबंध मजबूत हैं। वह स्वीकार करते हैं कि मिलिट्री-टू-मिलिट्री संबंध भी मजबूत हैं, और इन संबंधों के निर्माण से उन देशों के साथ कड़े और स्पष्ट संवाद की अनुमति मिलती है जो अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते।
जनरल ग्रिंकेविच पुष्टि करते हैं कि मिलिट्री-टू-मिलिट्री संबंध मजबूत हैं और नाटो के 31 सदस्य देशों के रक्षा प्रमुखों के साथ लगातार संचार बना हुआ है।
अंत में, वक्ता इस बात पर जोर देते हैं कि पैसे के अलावा, साझा मूल्यों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि जब लोग इन मूल्यों से भटक जाते हैं, तो गठबंधन का भविष्य अनिश्चित हो जाता है।