
JUST IN: Mark Kelly Torches Trump, Hegseth After Appearing In Court Over Illegal Orders Video
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वक्ता ने याद दिलाया कि उन्हें पिछले साल राष्ट्रपति द्वारा नापसंद की गई एक बात कहने के लिए निशाना बनाया गया था: कि सेवा सदस्यों को कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि यह कानून का एक सच्चा और सटीक बयान था, जो रक्षा विभाग के युद्ध कानून मैनुअल में लिखा है। इसके जवाब में, राष्ट्रपति ने उन पर मुकदमा चलाने और उन्हें फांसी देने की बात कही, उन्हें जेल में डालने की कोशिश की, और रक्षा सचिव ने उन्हें सेंसर करने, डिमोट करने और उनकी पेंशन छीनने का प्रयास किया। वक्ता का मानना है कि यह उन्हें चुप कराने और अन्य सेवानिवृत्त दिग्गजों को एक संदेश भेजने का प्रयास है कि असहमति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई अलोकतांत्रिक है और भाषण की स्वतंत्रता के खिलाफ है, जिसके लिए उन्होंने और अन्य दिग्गजों ने सेवा की। वक्ता ने कहा कि प्रशासन संघीय अदालत में बहस कर रहा है कि सेवानिवृत्त दिग्गजों को अन्य अमेरिकियों के समान भाषण की स्वतंत्रता का अधिकार नहीं है, जिसका अर्थ है कि रक्षा सचिव की नापसंद पर उन्हें दंडित किया जा सकता है। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन बताया, खासकर ऐसे समय में जब राष्ट्रपति बिना किसी स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य के ईरान के साथ युद्ध में हैं। वक्ता ने कहा कि सेवानिवृत्त दिग्गजों को अपनी अंतर्दृष्टि साझा करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, और उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वह चुप नहीं रहेंगे।