
Is The Government Doing Enough To Protect Survivors After Swalwell, Gonzales? Carlson Weighs In
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वक्ता संस्थागत चुप्पी के खिलाफ लड़ाई पर चर्चा करती है जो शक्तिशाली पुरुषों और बुरे व्यवहार को छुपाती है। वह अपने अनुभव से बताती है कि कैसे गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) और अनिवार्य मध्यस्थता (forced arbitration) जैसे उपकरण पीड़ितों को चुप करा देते हैं। NDA, जो मूल रूप से व्यापार रहस्यों की रक्षा के लिए थे, अब कर्मचारियों को उनके साथ काम पर हुई किसी भी चीज़ के बारे में बात करने से रोकते हैं, जिसमें कानूनी गतिविधियां भी शामिल हैं।
अनिवार्य मध्यस्थता एक और बड़ा मुद्दा है, जिसके तहत कर्मचारी जूरी ट्रायल के अपने अधिकार को छोड़ देते हैं और गुप्त मध्यस्थता कक्षों में अपने दावों का निपटारा करते हैं। अमेरिका में 82% कर्मचारी अब अनिवार्य मध्यस्थता के अधीन हैं, और उनमें से अधिकांश को इसके बारे में पता भी नहीं होता। जब कुछ बुरा होता है, तो वे HR के पास जाते हैं, जिससे यह खंड सक्रिय हो जाता है और वे गोपनीयता में धकेल दिए जाते हैं।
Me Too आंदोलन इसलिए इतना विस्फोटक था क्योंकि जनता को लगा था कि इन मुद्दों का समाधान हो गया है, लेकिन वास्तव में कंपनियों ने अनिवार्य मध्यस्थता के माध्यम से इन मामलों को छुपाने का तरीका ढूंढ लिया था। वक्ता की संस्था, 'लिफ्ट अवर वॉयस', लोगों को चुप रहने से रोकने के लिए काम करती है, लेकिन कॉर्पोरेट स्तर पर व्यवहार बदलना मुश्किल है। इसलिए, वे कानून पारित करने में सहायक रहे हैं ताकि कंपनियों को बदलाव के लिए मजबूर किया जा सके और संस्कृति को बदला जा सके।
वक्ता संघीय सरकार पर भी ध्यान केंद्रित करती है, जहां अभी भी यौन दुराचार के आरोपों से निपटने के लिए गुप्त फंड मौजूद हैं। वह कांग्रेस के सदस्यों के लिए उच्च मानकों की वकालत करती है और मानती है कि यदि कांग्रेस में जवाबदेही नहीं होगी, तो यह देश भर की अन्य संस्थाओं में भी नहीं फैलेगी। वह 'अपस्ट्रीम फाइल्स' और एथिक्स कमेटी के प्रयासों का समर्थन करती है ताकि पूर्ण पारदर्शिता लाई जा सके और दुर्व्यवहार करने वाले सदस्यों को कांग्रेस से बाहर किया जा सके।