
Future of holograms, brain signal playback, smell, and touch in multimedia software | Lex Fridman
Audio Summary
AI Summary
VLC और FFmpeg जैसे मल्टीमीडिया फ्रेमवर्क भविष्य में केवल ऑडियो और वीडियो से कहीं आगे बढ़कर नई तकनीकों को शामिल करेंगे। न्यूरालिंक जैसी ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस तकनीकें मल्टीमीडिया की परिभाषा को बदल सकती हैं, जिससे दिमाग सीधे डेटा का उपभोग कर सकेगा, जिसके लिए नए कोडेक्स की आवश्यकता होगी। वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) के लिए भी VLC और FFmpeg पहले से ही काम कर रहे हैं, जैसे कि XR सामग्री को कम-शक्ति वाले उपकरणों पर स्ट्रीम करना।
भविष्य में, ये फ्रेमवर्क पॉइंट क्लाउड, वॉल्यूमेट्रिक वीडियो, डेप्थ डेटा (रोबोटिक्स के लिए), 3D तत्वों और यहां तक कि खगोल विज्ञान के डेटा को भी संभालेंगे। मल्टीमीडिया की परिभाषा को "मानव इंद्रियों के लिए कई स्ट्रीम का डिजिटल प्रतिनिधित्व" के रूप में विस्तारित किया जाएगा, जिसमें गंध और स्पर्श जैसी इंद्रियां भी शामिल होंगी। VLC में पहले से ही हैप्टिक (स्पर्श) के लिए एक प्लगइन है, जो 4D सिनेमा में उपयोग होता है।
डेवलपर समुदाय इन नई क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए आर्किटेक्चर को अनुकूलित कर रहा है, जिससे भविष्य में नई सुविधाओं को जोड़ना आसान हो जाएगा। जैसे-जैसे नई प्रौद्योगिकियां उभरेंगी, FFmpeg और VLC इन मानकों को स्थापित करने और उन्हें अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वे मल्टीमीडिया के भविष्य के लिए प्रासंगिक बने रहें।
Get summaries like this automatically