
Oil Extends Gain as Hormuz Traffic Grinds to a Halt
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यह वीडियो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर पर केंद्रित है, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में।
ट्रेडर्स अगली महत्वपूर्ण घटनाओं का इंतज़ार कर रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान जहाजों को स्ट्रेट से निकलने दे पाएगा या नहीं। पहले एक रिपोर्ट आई थी कि अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद ईरान से जुड़े कई जहाज स्ट्रेट से गुज़रे हैं। हालांकि, अमेरिका ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने ऐसे जहाजों को रोका है और दो ईरानी टैंकरों पर कार्रवाई भी की है।
बाजार इस बात पर नज़र रखे हुए है कि क्या अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखेगा और क्या इससे ईरान की ओर से तनाव बढ़ेगा। पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा संयुक्त राष्ट्र के मालवाहक जहाजों पर हमला किया गया है। यह चिंता का विषय है कि क्या यह संघर्ष केवल स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ तक सीमित रहेगा या मध्य पूर्व में एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल जाएगा।
युद्ध से पहले, मध्य पूर्व में तेल के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले हुए थे, जिसमें सऊदी अरब और कतर की एलएनजी निर्यात सुविधाएँ भी शामिल थीं। बाज़ार को इस बात का डर है कि अगर यह स्थिति बिगड़ती है, तो ब्रेंट तेल की कीमतें पिछले महीने के $120 के स्तर तक पहुँच सकती हैं, जबकि अभी यह लगभग $100 पर है।
स्ट्रेट से जहाजों का गुज़रना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई जहाज अपनी पहचान छिपाने के लिए "डार्क" हो जाते हैं, जिससे उनकी संख्या का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। अमेरिका का दावा है कि वे ऐसे जहाजों को ढूंढकर रोक सकते हैं, लेकिन स्थिति रुकी हुई है।
खास तौर पर, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से निकलने वाली एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आपूर्ति, जो वैश्विक आपूर्ति का 20% है, फरवरी के अंत से ठप पड़ी है। कई एलएनजी टैंकर स्ट्रेट के पास आकर वापस लौट गए हैं, जिससे पता चलता है कि वे जोखिम नहीं उठाना चाहते।
स्ट्रेट के बंद रहने से हर दिन लाखों बैरल तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी आपूर्ति बाज़ार से बाहर हो जाती है, जिसका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।