
How Big Of A Role Will Topics Of Lebanon, Hezbollah Play In Iran Talks? Geopolitics Expert Explains
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यह वीडियो इरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत पर केंद्रित है, जिसमें इरान के लेबनान में हिज़्बुल्लाह के साथ संबंधों का मुद्दा प्रमुख है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इरान के लिए यह तय करना होगा कि क्या वे लेबनान के कारण बातचीत को विफल होने देंगे, जिसे उन्होंने "बेवकूफी" बताया। वहीं, इरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि लेबनान में हवाई हमले जारी रहने पर बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
वीडियो में इस बात पर जोर दिया गया है कि लेबनान और हिज़्बुल्लाह के मुद्दे पर बातचीत कितनी महत्वपूर्ण होगी। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन युद्धविराम ज्यादा चाहता है। इरान के लिए हिज़्बुल्लाह उसके क्षेत्रीय प्रभाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिज़्बुल्लाह खुद को इरान की इस्लामिक क्रांति का विस्तार मानता है और इरान के क्षेत्रीय एजेंडे में उसकी भूमिका "भाले की नोक" के समान है।
इरान ने लेबनान के अलावा इराक, बहरीन और यमन जैसे देशों में भी प्रॉक्सी मिलिशिया बनाने में मदद की है, और हिज़्बुल्लाह इनमें से कई जगहों पर इरान के प्रभाव को बढ़ाने में सहायक रहा है। 1990 के दशक में, हिज़्बुल्लाह ने गाजा में हमास की सैन्य क्षमता के निर्माण में भी मदद की। अमेरिका द्वारा हिज़्बुल्लाह को कमजोर करने के प्रयासों की तुलना में, इरान हिज़्बुल्लाह के जीवित रहने में अधिक रुचि रखता है। यह स्थिति "चिकन का खेल" जैसी है, जहाँ यह देखा जाएगा कि कौन हिज़्बुल्लाह के उन्मूलन या क्षरण में अधिक दांव लगाता है।