
Samuel Alito Asks Lawyer: 'Why We Are Hearing This Case' On Location Data Privacy?
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यह वीडियो एक कानूनी मामले पर चर्चा कर रहा है जहाँ एक जज यह सवाल उठा रहा है कि क्या यह मामला अदालत में सुना जाना चाहिए, खासकर जब चौथी सर्किट के 15 में से 14 जजों ने इसे बरकरार रखने का फैसला किया था और नौ जजों ने "अच्छी नीयत" (good faith) अपवाद पर भरोसा किया था। जज का मानना है कि याचिकाकर्ता एक "सलाहकारी राय" (advisory opinion) मांग रहा है, क्योंकि यह एक ऐसी Google सुविधा से संबंधित है जो अब मौजूद नहीं है और एक विशेष प्रकार के वारंट से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि अदालत ने "अच्छी नीयत" के मुद्दे पर याचिका स्वीकार नहीं की थी, इसलिए उन्होंने इस पर विस्तृत दलील नहीं दी। वे चाहते हैं कि यदि अदालत चौथे संशोधन का उल्लंघन पाती है, तो मामला चौथी सर्किट को वापस भेज दिया जाए ताकि वे "अच्छी नीयत" के मुद्दे पर अदालत के मार्गदर्शन के आधार पर विचार कर सकें। वे मानते हैं कि अधिकारी का कार्य दुर्भावनापूर्ण था या कानूनी मुद्दे स्पष्ट थे, यह कहना मुश्किल होगा, लेकिन उनका तर्क है कि "अच्छी नीयत" अपवाद नए और मौलिक रूप से भिन्न प्रकार के वारंट की चुनौती पर लागू नहीं होना चाहिए।
वे इस बात पर भी जोर देते हैं कि Google द्वारा सुविधा बंद कर दिए जाने के बावजूद, यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि कई अन्य प्रदाता भी डेटा संग्रहीत करते हैं, और इस मामले का व्यापक प्रभाव हो सकता है। वे चाहते हैं कि अदालत उस प्रश्न का निर्णय करे जिस पर उसने याचिका स्वीकार की थी।
एक अन्य जज का कहना है कि वे किसी भी आधार पर फैसले को बरकरार रख सकते हैं जो निर्णय का समर्थन करता हो और पहले उठाया गया हो, जिसमें "अच्छी नीयत" अपवाद भी शामिल है। याचिकाकर्ता के वकील को इस बात पर आपत्ति है क्योंकि अदालत ने विशेष रूप से उस प्रश्न पर याचिका स्वीकार नहीं की थी, और उन्होंने इस पर विस्तृत दलील नहीं दी। वे मानते हैं कि इस तरह के नए वारंट की संवैधानिकता पर मुकदमा चलाने के लिए प्रोत्साहन आवश्यक है, और यह केवल बहिष्करण नियम (exclusionary rule) के माध्यम से ही संभव है।