
'These Are Our Taxpayer Dollars That Are Being Used!': Wes Moore Goes Nuclear On Trump's Iran War
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वीडियो में वक्ता, जो एक पूर्व सैन्यकर्मी और वर्तमान गवर्नर हैं, ईरान के साथ चल रहे वैश्विक मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं। वे इस बात पर जोर देते हैं कि यह मुद्दा केवल कूटनीतिक नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत भी है, क्योंकि वे सैनिकों और उनके परिवारों की पीड़ा को समझते हैं।
उनकी मुख्य चिंता यह है कि अमेरिकी जनता के साथ पर्याप्त संवाद नहीं हो रहा है। वे बताते हैं कि इन विदेशी युद्धों में अमेरिकी करदाताओं का पैसा खर्च हो रहा है, जिससे गैस, ऊर्जा और किराने का सामान जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। जनता को यह नहीं पता कि यह सब किस लिए हो रहा है और वे इस युद्ध का हिस्सा क्यों बन रहे हैं।
गवर्नर का मानना है कि राष्ट्रपति, जो कमांडर-इन-चीफ भी हैं, को अमेरिकी जनता, सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। वे कहते हैं कि सैन्य बल का उपयोग अंतिम उपाय होना चाहिए, और हालांकि अमेरिकी सेना दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है, यह महत्वपूर्ण है कि सैन्य कार्रवाई का औचित्य और लक्ष्य स्पष्ट रूप से बताए जाएं।
वे ईरान के नौसेना और वायु सेना को नष्ट करने की बात को एक संदिग्ध उपलब्धि बताते हैं, खासकर जब इसके पीछे का लक्ष्य या आगे के कदम स्पष्ट नहीं किए गए हैं। वक्ता अफगानिस्तान युद्ध का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि वहां भी एक स्पष्ट उद्देश्य बताया गया था, लेकिन 20 साल बाद, 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च करने और 2400 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को खोने के बाद, अफगानिस्तान पर फिर से तालिबान का शासन है।
उन्हें डर है कि वर्तमान स्थिति भी वैसी ही भूल दोहराने की ओर ले जा रही है, और राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति अनजाने में देश को उसी जाल में फंसा रहे हैं, वह भी जनता के पैसे और उनके नाम पर।